मिर्गी एक आम लेकिन गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें व्यक्ति को बार-बार दौरे (सीजर्स) आते हैं। अगर आप या आपके परिवार में कोई मिर्गी से पीड़ित है, तो खान-पान पर विशेष ध्यान देना बेहद ज़रूरी हो जाता है।
कई बार सही आहार न लेने से मिर्गी के दौरे अधिक बार और अधिक गंभीर हो सकते हैं। इसलिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि मिर्गी के रोगी को क्या नहीं खाना चाहिए और किन चीज़ों से परहेज करना फायदेमंद हो सकता है।
आइए, इस लेख में हर छोटी-बड़ी बात को विस्तार से समझते हैं।
क्या दूध मिर्गी के लिए अच्छा है?
क्या सच में हल्दी और मेथी दौरे को ट्रिगर करती हैं?
क्या पैकेट वाले नमकीन और चिप्स मिर्गी में खा सकते हैं?
मिर्गी क्या होती है और खान-पान का इससे क्या संबंध है?
मिर्गी एक ऐसी स्थिति है जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाएँ अनियंत्रित तरीके से सक्रिय हो जाती हैं, जिससे दौरे आते हैं। दौरे आने का मतलब यह नहीं कि हर बार व्यक्ति ज़मीन पर गिरकर बेहोश हो जाएगा।
मिर्गी के हल्के दौरे भी हो सकते हैं, जिसमें व्यक्ति थोड़ी देर के लिए अपना ध्यान खो देता है या अजीब हरकतें करने लगता है।
अब सवाल उठता है कि खान-पान का मिर्गी से क्या लेना-देना है? दरअसल, हमारे दिमाग की कार्यप्रणाली में पोषण की अहम भूमिका होती है। कुछ खास तरह के खाद्य पदार्थ दिमाग को उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे दौरे आने की संभावना बढ़ जाती है।
इसके विपरीत, सही खान-पान मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को संतुलित रख सकता है और दौरे कम कर सकता है।
मिर्गी के दौरों के लिए हानिकारक भोजन

जब मिर्गी के मरीज की डाइट की बात आती है, तो कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो दौरे को ट्रिगर कर सकते हैं। इनसे जितना संभव हो सके, बचना चाहिए।
कैफीन युक्त चीजें
चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक: कैफीन एक ऐसा पदार्थ है जो हमारे मस्तिष्क को उत्तेजित करता है। यह नर्वस सिस्टम को एक्टिव करता है और मिर्गी के दौरे को बढ़ा सकता है। अगर मिर्गी के मरीज नियमित रूप से कैफीन युक्त चीजों का सेवन करते हैं, तो उनके दौरे आने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए चाय और कॉफी का सेवन बहुत सीमित करना चाहिए।
अत्यधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ
मिठाई, चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक्स: अत्यधिक शुगर का सेवन भी मिर्गी के लिए हानिकारक हो सकता है। जब शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता है, तो यह दिमाग को भी प्रभावित करता है। इससे अचानक दौरे आ सकते हैं। इसलिए मिर्गी के मरीजों को अत्यधिक मीठा खाने से बचना चाहिए।
प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड
चिप्स, पिज्जा, बर्गर: प्रोसेस्ड फूड में प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल्स होते हैं, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को बाधित कर सकते हैं। इनमें मौजूद अत्यधिक नमक और वसा भी मिर्गी के मरीजों के लिए सही नहीं है।
अत्यधिक नमक और मसालेदार भोजन
नमकीन स्नैक्स, अचार, मसालेदार करी: नमक की अधिकता से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है, जो मिर्गी के दौरों को ट्रिगर कर सकता है। मसालेदार भोजन से पेट की समस्याएँ भी हो सकती हैं, जिससे मिर्गी के मरीज की हालत बिगड़ सकती है।
शराब और धूम्रपान
एल्कोहल और निकोटीन: शराब और धूम्रपान मिर्गी के सबसे बड़े ट्रिगर माने जाते हैं। ये दोनों चीज़ें नर्वस सिस्टम को सीधा प्रभावित करती हैं और दौरे आने की संभावना को कई गुना बढ़ा देती हैं।
मिर्गी में सही खान-पान की अहमियत

अब जब हमें पता चल गया कि किन चीज़ों से बचना चाहिए, तो यह जानना भी ज़रूरी है कि मिर्गी के मरीजों को क्या खाना चाहिए। सही डाइट से मिर्गी के दौरे को नियंत्रित किया जा सकता है।
संतुलित आहार
मिर्गी के मरीजों के लिए संतुलित आहार बेहद ज़रूरी है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और मिनरल्स का सही अनुपात होना चाहिए।
- प्रोटीन: दाल, अंडा, चिकन, मछली
- कार्बोहाइड्रेट: साबुत अनाज, ब्राउन राइस, ओट्स
- वसा: घी, मक्खन, नारियल तेल (संतुलित मात्रा में)
- विटामिन और मिनरल्स: हरी सब्जियाँ, फल, सूखे मेवे
केटोजेनिक डाइट
केटोजेनिक डाइट एक हाई-फैट, लो-कार्ब डाइट है, जो मिर्गी के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह दिमाग की कोशिकाओं की उत्तेजना को कम करती है और दौरे आने की संभावना को घटा सकती है।
हाइड्रेशन
मिर्गी के मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बहुत महत्वपूर्ण है। शरीर में पानी की कमी से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है, जो मिर्गी के दौरे को ट्रिगर कर सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन
एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन जैसे कि हरी पत्तेदार सब्जियाँ, जामुन, नट्स और बीज मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हैं।
खान-पान से जुड़ी कुछ और सावधानियाँ
- खाने के समय का पालन करें: मिर्गी के मरीजों को समय पर खाना खाना चाहिए।
- ओवरईटिंग से बचें: ज़रूरत से ज़्यादा खाने से पेट पर बोझ बढ़ता है, जिससे दौरे आने की संभावना बढ़ सकती है।
- खाली पेट न रहें: खाली पेट रहने से शुगर लेवल गिर सकता है, जो मिर्गी के लिए खतरनाक है।
- दवाओं के साथ तालमेल: मिर्गी की दवाओं के असर को सही रखने के लिए डॉक्टर से सलाह लेकर डाइट प्लान करें।
कैसे पता करें कि कोई भोजन नुकसान पहुंचा रहा है?

हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए जरूरी नहीं कि एक ही तरह का भोजन सभी मिर्गी के मरीजों को नुकसान पहुंचाए। इसलिए अपने शरीर को समझना बहुत ज़रूरी है।
खाद्य डायरी रखें
खाद्य डायरी में आप रोज़ाना खाए गए भोजन और दौरे आने की स्थिति को नोट कर सकते हैं। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन-सा भोजन आपके लिए हानिकारक हो सकता है।
धीरे-धीरे बदलाव करें
अगर आपको लगता है कि किसी खास भोजन से समस्या हो रही है, तो तुरंत उसे पूरी तरह बंद न करें। धीरे-धीरे बदलाव करें और डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
मिर्गी एक गंभीर स्थिति है, लेकिन सही खान-पान और जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। मिर्गी के मरीजों को कैफीन, प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड, अत्यधिक चीनी और नमक से बचना चाहिए।
इसके अलावा, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और सही समय पर भोजन करना बेहद ज़रूरी है। अगर आप भी मिर्गी से पीड़ित हैं या किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, तो इस लेख में दी गई सलाह को अपनाकर उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद कर सकते हैं।
Disclaimer: इस लेख में प्रस्तुत जानकारी, जिसमें दवाओं, घरेलू उपायों, भोजन या आहार से जुड़े सुझाव शामिल हैं, केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए दी गई है। यह जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। हम किसी भी दवा का सेवन या उपचार शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करने की सख्त सलाह देते हैं। हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, और किसी भी उपाय या आहार को अपनाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह आपके लिए सुरक्षित और उपयुक्त हो। हमेशा अपने स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों के लिए एक योग्य चिकित्सा विशेषज्ञ की राय लें।
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